अनचिन्हार आखरःएक नजरिमे

11/4/2008केँ “अनचिन्हार आखर” नामक ब्लाग इंटरनेटपर आएल। अनचिन्हार आखर केर छोटका नाम " अ-आ " राखल गेल अछि। एकरा ऐ लिंकपर देखल जा सकैए- http://anchinharakharkolkata.blogspot.in/। ई ब्लाग आशीष अनचिन्हार द्वारा शुरू कएल गेल छल आ समय-समयपर आन-आन गजलकार सभकेँ जोड़ल गेल। वर्तमानमे ई ब्लाग आशीष अनचिन्हार गजेन्द्र ठाकुर द्वारा संपादित भऽ रहल अछि।एहि ब्लागपर खाली गजल, शेरो-शाइरी ओ एहीसँ संबंधित रचना देल जाइत अछि। एहि ब्लागक पहिल पोस्ट ई अछि

उद्देश्य

एहि ब्लागक मुख्य उद्देश्य गजलकेँ लोकप्रिय बनाएब, गजलक मानकीकरण आ ओकर व्याकरण बनाएब अछि। संगहि-संग ई ब्लाग गजलक आडिओ-विडिओ, कैसेट आ सीडीक निर्माणमे अपन सहभागिता सेहो राखत। तकरा पछाति एहि ब्लागक मुख्य ध्येय मायानंद मिश्रक ओहि कथन के खंडन करब रहत जाहिमे ओ कहने छथि जे मैथिली मे गजल लिखले नहि जा सकैए (ई उद्येश्य तहिया छल जहिया ऐ ब्लागक निर्माण भेल छल आब ई उद्येश्य पूरा भऽ गेल ( सी.डी आ वीडियो बला छोड़ि कऽ)। वर्तमान समय मने 2014सँ आब एकर उद्येश्य सी.डी आ वीडियो संग ईहो रहत जे मैथिलीमे कोना एक समयमे 75-100 टा गजलकार रचनारत रहथि।

सूचना

रचना पोस्ट करबाक किछु समान्य निअम एहिठाम देल जा रहल अछि। ई निअम मात्र पोस्ट आ ब्लागमे एकरुपता रखबाक लेल अछि।

1) जँ गजल पोस्ट कए रहल छी तँ टाइटलमे गजल लिखल जाए आ जँ समीक्षा,आलोचना, समालोचना वा इतिहास हुअए तँ टाइटलमे रचनाक शीर्षक देल जाए। गजल, बाल गजल भक्ति गजल ई सभ गजले छै तँए अनचिन्हार आखरमे पोस्ट करैत काल टाइटिलमे मात्र गजल लीखू। तेनाहिते बाल रुबाइ, भक्ति रुबाइ सभ रुबाइए छै तँए टाइटिलमे खाली रुबाइ लीखू। निच्चा लेबल बला कालममे अपन नाम आ तखन बाल गजल, वा बाल रुबाइ वा भक्ति गजल एना लीखू।

2)जँ केओ कोनो लिंक देबए चाहैत छथि तँ ओ लिंक बला कालममे देल जाए।

3)रचना पोस्ट कए तकरा बोल्ड कए लार्ज कए दिऔक, लार्ज करबाक उद्देश्य मात्र वृद्ध लोकनिक लेल वा जे छोट फान्ट नहि पढ़ि पबैत छथि तनिका लेल छन्हि।

4)लेबल बला कालममे पोस्ट केनिहार ओहन आखर राखथि जे हुनका द्वारा कएल गेल हरेक पोस्टमे ओ समान रुपसँ भेटए उदाहरण लेल आशीष अनचिन्हार द्वारा पोस्ट हरेक रचनाक लेबल अनचिन्हार भेटत।

5) मैथिली भाषाक वर्तनीमे एकरूपता रखबाक लेल ई ब्लाग कृतसंकल्प अछि। संपादक के स्वतः ई अधिकार प्राप्त छैक जे ओ कोनो रचनाँके मानक वर्तनीक अनुसारे संपादित कए देथि आ एहि लेल रचनाकारक अनुमतिक कोनो जरुरति नहि बूझल जाएत।

6) कोनो प्रकारक जातिगत वा व्यत्तिगत आक्षेप बला रचना के सकारि पाएब ब्लाग लेल संभव नहि।

7) जँ केओ अन्य रचनाकारक रचना प्रस्तुत करए चाहैत अथवा कोनो पोथी, पत्रिका, ब्लाग , साइट आदिसँ उधृत करए चाहैत तँ एहि लेल ओ मूल रचनाकारक वा लेखक, संपादक, वा ब्लाग, साइटक संचालकसँ अनुमति अवश्य लए लेथि।

बादमे एहिसँ संबंधित कोनो प्रकारक विवाद लेल ई ब्लाग वा एहि ब्लागसँ जुड़ल कोनो व्यक्ति जिम्मेदार नहि होएताह ।रचना प्रस्तुत करबाक सभ निअम उपरे जकाँ अछि खाली प्रस्तुत कर्ता रचनाक उपर मूल रचनाकारक नाम अवश्य लिखथि।

ऐ ब्लागपर अंगिका-बज्जिका-मैथिली गजल प्रस्तुत होइत अछि।

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